
फतेहपुर बाराबंकी। जुमेरात की रात हजरतपुर मे जलसा सीरतुन्नबी व नातिया मुशायरा का इनकाद किया गया। जलसे की सदारत हाफिज फखरुद्दीन व मुशायरा की सदारत मौके अशफाक कासमी ने की। कारी मकबूल की तिलावत ए कलाम पाक से प्रोग्राम का आगाज हुआ।
कारी सिराज मदनी की निज़ामत मे जलसे को खिताब करते हुए मौलाना मो सलमान मजाहिरी लखीमपुरी ने कहा अल्लाह रब्बुल आलमीन ने आप सल0 को सारे आलम के लिए रहमत बनाकर दुनियां मे भेजा आपसे पहले दुनियां कुफ्र जुल्म और ज़लालत की तारीकियों फंस चुकी थी
ईसा अलैहिस्सलाम को दुनियां से गए हुए तकरीबन 600 साल का तवील अरसा गुजर चुका था दुनियां एक हादी की तलाश मे थी अल्लाह ताला ने इस कायनात पर रहम फरमा कर मोहसिन ए इंसानियत मोहम्मद (स0) को दुनियां में भेजा। आप (स0) ने सारी इंसानियत को मोहब्बत भाईचारे का पैगाम दिया।
मुशायरा में पढ़े गए अशआर –
आप के लाडले जो करेंगे गुनाह,आप उसमे बराबर के होंगे शरीक,इस लिए ए मेरे भाइयों वक्त पर अपने बच्चों की शादी किया कीजिए – असद आजमी
ये जो चांद टूटा टूटा नज़र आ रहा है हमको, ये है मोजिजा नबी का का किसी और का नही – हस्सान साहिर
सरवरे दो आलम की सरवरी निराली है,वो संवर गया जिस पर एक निगाह डाली है – उमर अब्दुल्ला कासमी
मेराज हुई जब आका की बू बकर ने फौरन की तस्दीक, सिद्दीक अकबर सा सच्चा चल ढूंढ कहां से ढूंढेगा- शमशेर जहाना गंजी
ईमान हो कामिल तो क्या क्या नही होता है,मूसा ने तो लश्कर को पानी पे चलाया है – जीशान जहांगीराबादी
इनके अलावा कारी परवेज यजदानी, अब्दुल्लाह कुर्सवी,हाफिज शफीक सुहलवी ने भी अपना कलाम पेश किया।
प्रोग्राम में खासतौर पर इकरामुद्दीन, मो जैद,मो शमीम,कामरान, शहाबुद्दीन, डॉ रफीक, मो रियाज,मो सलीम,हाफिज जफर अहमद, हाफिज मुमताज,मौलवी मो नफीस,कमरुल हसन साबिक प्रधान, जहीर अंसारी,सलीम खान, मौलाना शफीक, हाफिज फैसल, हाफिज कफील,हाफिज एहतिशाम,हाफिज शान मो0 के अलावा कसीर तादाद में लोग मौजूद रहे।
आख़ीर मे कन्वीनर मुशायरा हाफिज अब्दुल कादिर व हाफिज अहमद हुसैन मोहतमिम मदरसा दारुल उलूम हज़रतपुर ने सभी शायर व समाइन का शुक्रिया अदा किया।



