
फतेहपुर बाराबंकी। युग चाहे जो भी रहा हो जब भी जहां भी धर्म की हानि होती है तब-तब भगवान अवतार लेकर दुष्टों का नाश कर धर्म की रक्षा करते हैं।
उक्त प्रसंग महर्षियों की धरती सीतापुर जिले के मिश्रिख नैमिशारण्य धाम से पधारे कथा व्यास पंडित बृजेश शुक्ला ने ब्लॉक सूरतगंज इलाके के नंदऊपारा निवासी पूर्व पार्षद कमलेश सिंह,लखनऊ के सरोजिनी नगर विद्यावती तृतीय से वर्तमान पार्षद निर्मला सिंह, शमशेर सिंह,उमा सिंह,दिनेश सिंह आदि के चार धाम यात्रा संपन्न होने के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिवस गुरुवार रात्रि को व्यक्त किया।
आगे उन्होंने कहा कि द्वापर युग में अताताई राक्षस कंस के आतंक से समूचा मानव समाज आजिज हो चुका था। कंस की बहन देवकी के विवाह के उपरांत विदाई में आकाशवाणी हुई कि देवकी की आठवीं संतान आपके मृत्यु का कारण बनेगी। कंस अपनी बहन देवकी की उसी वक्त हत्या कर देना चाहता था वासुदेव के बहुत निवेदन के बाद कंस ने देवकी और वासुदेव को बंदीग्रह में डाल दिया। और एक-एक कर पैदा होने वाली देवकी की सात संतानों की निर्मम रूप से हत्या कर दी। और फिर भादो के महीने में कृष्ण पक्ष की अष्टमी को भगवान श्री कृष्ण ने मां देवकी की कोख से जन्म लिया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म लेते ही द्वारपाल सो गए और माता देवकी और वासुदेव की बेड़ियां टूट गईं। माता यशोदा और नंद के घर भगवान श्री कृष्ण का लालन-पालन हुआ जिसके बाद कंस जैसे अनेकों राक्षसों का भगवान श्री कृष्ण ने वध किया, कथा का प्रसंग सुन प्रांगण में बैठे श्रोता भाव विभोर हो गए भगवान श्री कृष्ण के जयकारों से समूचा इलाका गूंजायमान हो गया।
इस अवसर पर चंद्रकेत सिंह,हरिश्चंद्र सिंह, सुमिरन सिंह,राधेश्याम मिश्रा,सुखदेव मिश्रा, कृष्णदेव सिंह,शिव शंकर गोस्वामी, लल्ला सिंह, प्रेम सिंह गुड्डू, हंस कुमार सिंह, शिवदत्त मौर्य, बाबू गुप्ता,कंधई यादव, रिंकू सिंह, इस्लामुद्दीन, सविता सिंह,गायत्री सिंह, पूजा सिंह, मनोरमा पार्वती सहित सैकड़ो की संख्या में श्रोता मौजूद रहे।
कार्यक्रम आयोजन पूर्व पार्षद कमलेश सिंह ने कथा व्यास सहित श्रोताओं को अंगवस्त्र भेंटकर उन्हें सम्मानित किया।


