
बाराबंकी। सोमवार को संत कवि बाबा बैजनाथ राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हरख, बाराबंकी में ‘हिन्दी दिवस समारोह – 2025’ का आयोजन किया गया ।
कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पाञ्जलि से हुआ । हिन्दी दिवस के इस समारोह में तीन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया । सर्व प्रथम हिन्दी कविता/विचार/पंक्ति आधारित ‘पोस्टर निर्णाण प्रतियोगिता’ का आयोजन हुआ, जिसमें 44 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में महाविद्यालय के शिक्षक अखिलेश कुमार राय, डॉ. शिप्रा राय तथा डॉ. जय प्रकाश पटेल रहें । इस निर्णायक मंडलानुसार प्रथम स्थान – रितिका सिंह, एम.एस.सी प्रथम सेमेस्टर, द्वितीय स्थान – सुरभि श्रीवास्तव, एम.कॉम प्रथम सेमेस्टर एवं तृतीय स्थान अन्जु सैनी बी.ए. प्रथम सेमेस्टर ने प्राप्त किया।
दूसरी प्रतियोगिता काव्यपाठ की थी जिसमें हिन्दी के कवियों की कविताओं का पाठ करना था, जिसके अन्तर्गत 14 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया ।
प्रतियोगिता के निर्णायकों में महाविद्यालय के शिक्षक डॉ. धर्मवीर, श्रीमती विजय लक्ष्मी यादव तथा डॉ. शशिकान्त रहें । इनके द्वारा जारी परिणाम में प्रथम स्थान – नागेन्द्र यादव एम.एस.सी. पंचम सेमेस्टर, द्वितीय स्थान – अमन कुमार बी.ए. प्रथम सेमेस्टर एवं तृतीय स्थान – रचना वर्मा बी.ए. तृतीय सेमेस्टर प्राप्त किया । तीसरी और अन्तिम प्रतियोगिता के रूप में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जिसमें 06 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया । इस प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. धर्मवीर, डॉ. रामलाल तथा डॉ राजीव रत्न साहू रहे।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान – अन्तरा वर्मा, एम.एस.सी प्रथम सेमेस्टर, द्वितीय स्थान – सुयशी पाण्डेय, बी.ए. पंचम सेमेस्टर एवं तृतीय स्थान – सुधांशु सिंह, बी.ए. तृतीय सेमेस्टर ने प्राप्त किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राजेश कुमार चतुर्वेदी ने किया, आपने विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किया और अपने वक्तव्य में कहा कि हिन्दी विश्व की सबसे वैज्ञानिक भाषा है। यह जैसी पढ़ी जाती है वैसी ही लिखी जाती है आने वाला समय हिन्दी जैसी वैज्ञानिक भाषा का ही होगा।
हिन्दी दिवस समारोह का आयोजन एवं संचालन हिन्दी विभाग प्रभारी डॉ अजीत कुमार सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, कार्मिक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहें ।



