बाराबंकी। सुदामा जैसा बड़ा चरित्रवान ब्राह्मण न तो अब तक हुआ है और न ही आगे होगा। सुदामा और कृष्ण की मित्रता ऋषि सांदीपनि आश्रम के गुरुकुल में हुई थी, सुदामा की मित्रता सामाजिक आर्थिक स्थितियों से ऊपर उठकर थी। वह अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण रखने वाले ब्राह्मण थे, जो धन दौलत की मोह माया से बहुत दूर थे,सुदामा और भगवान श्रीकृष्ण की मित्रता धरा पर हमेशा सराही जाएगी।
आज के दौर में जहां महज कुछ धन मात्र के लिए व्यक्ति अपने सगे संबंधियों से दूर हो जाता है,जहां एक ओर भगवान श्रीकृष्ण तीनों लोकों के स्वामी द्वारिकाधीस राजा होने के बाद भी अपने मित्र सुदामा के चरण अपने आंसुओं से धोए और वहीं सुदामा अत्यंत गरीब ब्राह्मण होने के बाद भी अपने मित्र से जब मिलने गए तो भिक्षा में मिले तंदूल लेकर बड़े निष्ठा भाव से गए, भगवान श्री कृष्ण ने तंदूल खाकर उन्हें तीनों लोक देना चाहा परंतु तीसरे मुट्ठी में माता रुक्मणी ने उनका हाथ पकड़ लिया।
उक्त उद्गार मिश्रिख नैमिशारण्य धाम से पधारे कथा व्यास पंडित बृजेश शुक्ला ने ब्लॉक
सूरतगंज इलाके के नंदऊपारा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन शनिवार रात को प्रसंग के दौरान व्यक्त किए। आगे उन्होंने कहा कि सुमति और कुमति सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा की दोनों पुत्रियां हैं एक दिन उनकी दोनों पुत्री ने कहा कि हम दोनों में से अच्छी कौन है ? भगवान ब्रह्मा ने कहा कि आप दोनों लोग चलकर आइए,वापस होने पर भगवान ब्रह्मा जी ने कहा कि बेटी कुमति हो तो तुम दोनों बहुत अच्छी पर कुमति तुम जाते अच्छी लगती हो जबकि सुमति आते अच्छी लगती है।
कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की झाकियां दिखाई गईं जिसे देख मौजूद महिला पुरुष दर्शक थिरकने पर मजबूर हो गए। भगवान श्री कृष्णा राधा रानी और रुक्मणी के जयकारों से प्रांगण गूंज उठा। यह आयोजन नंदऊपारा गांव के मूल निवासी व विद्यावती तृतीय सरोजिनी नगर निगम लखनऊ के पूर्व पार्षद कमलेश सिंह,विद्यावती तृतीय की वर्तमान पार्षद निर्मला सिंह, शमशेर सिंह,उमा सिंह,दिनेश सिंह आदि के चार धाम यात्रा संपन्न होने के उपलक्ष्य में आयोजित की गई। कथा वाचक पंडित बृजेश शुक्ला को ग्राम पंचायत सदस्य महासभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश मीडिया प्रभारी दीपक सिंह सरल उनकी पत्नी उमा सिंह ने पुष्प भेंटकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत सदस्य महासभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश मुख्य संगठन मंत्री ध्रुव कुमार सिंह, डॉ. देवबक्श सिंह, बुढ़वल गन्ना समिति के पूर्व डायरेक्टर शिवकुमार सिंह, शुभकरन सिंह,देशराज सिंह,हंसराज सिंह, प्रेम सिंह बाबा,चंद्रकेत सिंह,हरिश्चंद्र सिंह,विनोद सिंह सुरेश सिंह दिनेश सिंह,सुमिरन सिंह,राधेश्याम मिश्रा,सुखदेव मिश्रा,लल्ला सिंह, कृष्णदेव सिंह,राजेश सिंह,शिव शंकर गोस्वामी, लल्ला सिंह, प्रेम सिंह गुड्डू, हंस कुमार सिंह,लेखपाल रामवीर सिंह,देशऊ यादव, भाजपा नेता अनुराग सिंह, शिवदत्त मौर्य, बाबू गुप्ता,कंधई यादव, रिंकू सिंह, इस्लामुद्दीन,सुनीता सिंह, सविता सिंह,गायत्री सिंह, पूजा सिंह, मनोरमा, पार्वती,शिवदेवी सहित सैकड़ो की संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
कथा समापन के उपरांत मंच के माध्यम से कार्यक्रम के अगुवा पूर्व पार्षद कमलेश सिंह ने ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। रविवार दोपहर शुरू हुआ भंडारा देर रात तक चलता रहा जिसमें कन्याओ के साथ साधु संतों और क्षेत्रीय लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।




