नाराज बुत परस्त हो, बुत जाएं भाड़ मे,फारुक जी हुजूरी करेंगे हुजूर की।।
मखदूम शेख हिसामुद्दीन (र0) के 592वे उर्स के मौके पर कुल हिन्द नातिया मुशायरा मुनक्किद।

मुख्य संपादक फहीम सिद्दीकी
फतेहपुर बाराबंकी। कल रात मखदूम शेख हिसामुद्दीन (र0अ0) के 592 उर्स के मौके पर आल इंडिया नातिया मुशायरा मुनक्किद किया गया। मुशायरा की सदारत सज्जादा नशीन शेख काशिफ जिया मखदूमी ने व निजामत सूफियान हैदर रांचवी ने की। हाफिज सलमान राईनी की तिलावत ए कलाम पाक से मुशायरा का आगाज हुआ। इस मौके पर जिन शायरों के कलाम को समाइन ने खूब पसंद किया वो इस तरह है-
बच्चा हमारा जंग मे ले जाएं जरूर,बन कर करेगा ढाल हिफाज़त रसूल की-राही सिद्दीकी
नाराज बुत परस्त हो बुत जाएं भाड़ मे,फारुक जी हुजूरी करेंगे हुजूर की- दिल खैराबादी
जो सरकार दो आलम का दिवाना हो गया,जन्नतुल फिरदौस मे उसका ठिकाना हो गया- फारुक दिलकश
जिनको नबी के फैसले मंजूर हो गए,वो लोग कायनात मे मशहूर हो गए- फैसल मेरठी
नबी की आमद से पहले लोगों नबी का आंगन महक रहा है,तुम्हे मुबारक हो आमिना बी तुम्हारा दामन महक रहा है- अली बाराबंकवी
कैसे पहुंचे तैयबा नगर,जेब हमारी खाली है-हस्सान साहिर
जो गुलाम सय्यद ख़ैरुल वरा हो जाएगा,दो जहां क्या चीज है उसका खुदा हो जाएगा- नसीम अख्तर कुरैशी
खून मदीने मे बहे उनको कहां मंजूर है,जब उमर फारुक का ईमान लाना हो गया- तनवीर अख्तर मऊ
क़िस्मत का सिकन्दर है वो आशिक़ मुस्तफवी,ददिहाल हरम जिसका ननिहाल मदीने का- अब्दुल हादी फैजी
ये शान रिसालत है ईमान नही मिलता,ले कर जो उमर अपनी तलवार नही आते- आफताब जामी।
मुशायरा के समापन पर संयोजक मुशायरा मो कलीम मजरूह व मुशायरा सेक्रेट्री तालिब जिया ने संयुक्त रूप से आए हुए अतिथियों व शायरों का शुक्रिया अदा किया आफताब जामी इस मौके पर मुख्यरूप से पूर्व जिला पंचायत सदस्य नसीम गुड्डू,कफील खान सूत वाले,अबूजर फ़जल अंसारी,जावेद यूसुफ,मास्टर शोएब अंसारी, शाहिद अली,मुनीर हैदर,हाफिज कलीम, डॉ जफरुल अंसारी



