बिहार में 6 नवंबर से शुरू हो रहे विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती चल रही है। अब तक आए सात प्रमुख पूर्व-सर्वेक्षणों – Livemint, JVC Poll, C Voter, NewsX, Lok Poll, VoteVibe (Amitabh Tiwari) और अन्य – के पोल ऑफ द पोल्स से एक रोचक और कांटे की टक्कर वाली तस्वीर उभर रही है। ये सर्वेक्षण सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चित हैं और मतदाताओं के मूड को समझने का सबसे ताजा जरिया बने हुए हैं।
वोट शेयर का औसत
• NDA (बीजेपी + जेडीयू + सहयोगी): 38–40%
• INDIA गठबंधन (आरजेडी + कांग्रेस + वाम): 37–39%
• जन सुराज (प्रशांत किशोर): 8–10%
• अन्य (छोटे दल + निर्दलीय): 10–12%
वोट शेयर में महज 1–2% का फासला दोनों बड़े गठबंधनों के बीच है। Lok Poll ने INDIA को 38.5% और NDA को 37.2% देकर मामूली बढ़त दिखाई, जबकि VoteVibe में भी अंतर सिर्फ 1% (INDIA 36%, NDA 35%) का रहा। JVC Poll ने NDA को 41% तक का अनुमान दिया, जो सबसे ऊंचा है।
सीटों का प्रोजेक्शन
• NDA: 110–130 सीटें
• INDIA: 105–120 सीटें
• जन सुराज + अन्य: 8–15 सीटें
243 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 122 सीटें चाहिए। C Voter और NewsX ने NDA को 125–135 तक पहुंचाया, लेकिन Lok Poll ने INDIA को 118–126 का एज दिया। VoteVibe ने सीटों को 115–120 (NDA) और 110–118 (INDIA) के बीच रखा। कुल मिलाकर, हंग असेंबली की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सामाजिक-जातिगत ब्रेकअप
• महिलाएं: NDA को 45–48% समर्थन, खासकर नीतीश की योजनाओं (साइकिल, शराबबंदी) के कारण।
• युवा (18–35 वर्ष): तेजस्वी की नौकरी वादों से INDIA को 42–45%।
• मुस्लिम + यादव: INDIA का कोर वोट, 75–80%।
• ऊपरी जाति + ईबीसी: NDA का मजबूत आधार, 60–65%।
• दलित (महादलित vs पासवान): महादलित NDA में, पासवान INDIA में बंटे।
सीएम फेस की लोकप्रियता
• तेजस्वी यादव: 35–38% (सर्वे में सबसे आगे)
• नीतीश कुमार: 22–28% (एंटी-इनकंबेंसी के बावजूद मजबूत)
• प्रशांत किशोर: 8–12% (नए विकल्प के रूप में उभरते)
एंटी-इनकंबेंसी और मुद्दे
• एंटी-इनकंबेंसी: 45–50% (नीतीश के खिलाफ), लेकिन NDA को बीजेपी की ब्रांडिंग बचा रही।
• टॉप मुद्दे: बेरोजगारी (62%), महंगाई (28%), अपराध (22%), बाढ़-प्रवासन (18%)।
पोल ऑफ द पोल्स बता रहा है कि बिहार में कोई स्पष्ट लहर नहीं है। NDA को अनुभव और मोदी-नीतीश की जोड़ी का फायदा, INDIA को तेजस्वी की युवा अपील और महागठबंधन का सामाजिक आधार।
जन सुराज अगर 10% वोट काट ले तो खेल बिगड़ सकता है लेकिन किसका बिगड़ेगा यह अंतिम फैसला मतदाता का होगा – क्या बिहार परिवर्तन चाहता है या स्थिरता?




