बड़े अटल इरादे,बड़े सच्चे जिनके वादे, कोटिजनों पे वो एक भारी,अटल बिहारी मेरे …
शैल हस्तकला विकास समिति द्वारा कवि सम्मेलन व गोष्ठी का आयोजन।

मुख्य संपादक – फहीम सिद्दीकी
बाराबंकी। रविवार को गांधी भवन के सभागार मे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई की जन्म शताब्दी के मौके पर शैल हस्तकला विकास समिति द्वारा कवि सम्मेलन व गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्याम सुंदर दीक्षित ने की जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा नेता पंडित सिद्धार्थ अवस्थी उपस्थित रहे।
आयोजक संस्था की प्रबंधक ईरा शुक्ला व चारूलता त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से मेहमानों और कवियों को बुके/अंगवस्त्र व पौधा भेंटकर स्वागत किया।
कवयित्री/समाजसेविका किरण भारद्वाज के खूबसूरत संचालन मे कवियों ने एक से बढ़कर एक खूबसूरत रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं से खूब प्रशंसा पाई।
सारे संसार में भारत का ऊंचा नाम हो जाए, कि हर बेटी बने सीता और बेटा राम हो जाए। लता श्रीवास्तव,
न ही समझो कि ये बेचारे हैं,जो मुकद्दर के हाथ हारे है, उनको दुनिया गिरा नहीं सकती जो प्रभु राम के सहारे है। डॉ ओम प्रकाश ओम
जन जन की भावनाओं के आधार हैं अटल,हर कविता हर इक गीत के उदगार हैं अटल। लोकेश त्रिपाठी
हार नही मानते थे, रार नही मानते थे, जन जन के लिए विचार थे अटल जी।मनोज मिश्र शीत
बड़े अटल इरादे,बड़े सच्चे जिनके वादे, कोटिजनों पे वो एक भारी,अटल बिहारी मेरे .. किरण भारद्वाज
इतना इतराएं न खुद पर सोने चांदी के चराग,रोशनी में कम नहीं होते मिट्टी के चराग। राम प्रकाश बेखुद
कार्यक्रम के समापन पर ईरा शुक्ला ने सभी का आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम में मुख्यरूप से एडवोकेट कौशल किशोर त्रिपाठी,पत्रकार प्रदीप सारंग,विजय यादव,आसिफ रिजवी आदि उपस्थित रहे।



