
फतेहपुर बाराबंकी। साईं पीजी कॉलेज में फसल अवशेष प्रबंधन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि विभाग अध्यक्ष धीरज अवस्थी द्वारा किया गया। कार्यक्रम का निर्देशन डॉ. अश्वनी कुमार सिंह (अध्यक्ष, केवीके हैदरगढ़) द्वारा किया गया। इस अवसर पर केवीके हैदरगढ़ के वरिष्ठ वैज्ञानिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम मे उपस्थित वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक रंजन (एग्रोनॉमी) ने अपने व्याख्यान में सतत फसल प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, कीमती खेती, पैकेजिंग एवं बीज पैकिंग, खेती की लागत, आवश्यक पोषक तत्वों तथा फसल प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। डॉ. भास्कर सिंह (वरिष्ठ वैज्ञानिक, एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग) ने फसल अवशेष की परिभाषा, पराली जलाने से होने वाले दुष्प्रभाव, उसके प्रभावी प्रबंधन, डी-कंपोजर तकनीक, ग्रीन हाउस एवं उसके कृषि पर प्रभावों की वैज्ञानिक व्याख्या की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं निर्देशक डॉ. अश्वनी कुमार सिंह ने आलू, टमाटर, पत्तागोभी, फूलगोभी, स्ट्रॉबेरी, ग्वार आदि फसलों की नई किस्मों, कृषि क्षेत्र में संभावनाओं एवं रिक्तियों, देश में कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) की भूमिका तथा कृषि विषयों पर प्रश्नोत्तरी के माध्यम से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
इस मौके पर फसल अवशेष प्रबंधन के महत्व को ध्यान में रखते हुए रंगोली प्रतियोगिता, फसल अवशेष प्रबंधन पर निबंध प्रतियोगिता एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया,रंगोली प्रतियोगिता मे प्रथम स्थान पर प्रज्ञा,शिवानी, शिवरात्रि, प्रियांशी,द्वितीय स्थान पर देवेंद्र, ताहिर, होली, शिवन्या,तृतीय स्थान पर विशाल, गौरव, नितिन, शिवानी,निबंध प्रतियोगिता मे प्रथम होली,द्वितीय शिवन्या,तृतीय देवेंद्र,क्विज प्रतियोगिता प्रथम ऋषभ वर्मा,द्वितीय हर्ष मिश्रा,तृतीय शिवानी यादव,सांत्वना पुरस्कार अथर्व, शिवरात्रि, ताहिर अली ने प्राप्त किया



