नई दिल्ली
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि मंदिर, पानी और श्मशान में कोई भेद नहीं होना चाहिए। उन्होंने हिंदुत्व और हिंदू विचारधारा पर भी बात की। भागवत ने कहा कि हिंदुत्व क्या है? हिंदू विचारधारा क्या है? संक्षेप में कहें तो दो शब्द हैं, सत्य और प्रेम। दुनिया एकता पर चलती है; यह सौदों से नहीं चलती, यह अनुबंधों से नहीं चलती, यह चल ही नहीं सकती।




