महंगाई, खाद संकट और एमएसपी को लेकर किसानों का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा 6 सूत्रीय मांग पत्र
बाराबंकी उत्तर प्रदेश

संपादक: फहीम सिद्दीकी
बाराबंकी। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को जिले के विभिन्न किसान संगठनों ने खाद, गैस, डीजल और पेट्रोल की बढ़ती महंगाई तथा खाद संकट के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद किसानों ने महामहिम राष्ट्रपति महोदया को संबोधित 6 सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी प्रतिनिधि एवं उपजिलाधिकारी विवेकशील यादव को सौंपा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय किसान संगठन के जिलाध्यक्ष के.के. यादव “गुड्डू” ने की। इस दौरान आजाद भारतीय किसान यूनियन, भारतीय किसान यूनियन हरपाल गुट तथा भारतीय किसान यूनियन भगत सिंह गुट के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सरकार की नीतियों से किसानों पर संकट: के.के. यादव
सभा को संबोधित करते हुए किसान नेता के.के. यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की अंतरराष्ट्रीय नीतियों और अमेरिका के दबाव में लिए गए फैसलों के कारण किसानों पर आर्थिक संकट बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सस्ती दरों पर ईरान से कच्चा तेल नहीं खरीदने और अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में बढ़ने से देश को महंगा कच्चा तेल खरीदना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इससे डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति प्रभावित हो रही है और आयात महंगा होता जा रहा है। साथ ही सरकार पहले खाद और गैस की कमी न होने का दावा करती रही, लेकिन अब बिक्री पर सीमाएं लगाने और खतौनी के आधार पर डीएपी, यूरिया व अन्य खादों की सीमित बिक्री की चर्चा से किसानों में चिंता बढ़ी है।
खाद और डीजल की कमी से पैदावार प्रभावित होने की आशंका
किसान नेताओं ने कहा कि सहकारी समितियों में यूरिया की उपलब्धता जरूरत के मुकाबले काफी कम है। उनका कहना था कि यदि यही स्थिति बनी रही तो फसलों की पैदावार में 20 से 30 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है।
किसान नेता विक्रांत सैनी ने मांग की कि सरकार स्पष्ट घोषणा करे कि किसानों को पुराने दामों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी और डीजल उपलब्ध कराया जाएगा ताकि कालाबाजारी पर रोक लग सके। उन्होंने ट्रैक्टरों में इस्तेमाल होने वाले डीजल पर जीएसटी और वैट हटाने की भी मांग उठाई।
एमएसपी पर उठे सवाल, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करने की मांग
किसान नेता सुनील यादव ने कहा कि सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) किसानों की लागत के मुकाबले पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की कि स्वामीनाथन आयोग के C2+50% फार्मूले के अनुसार एमएसपी लागू किया जाए और सभी गांवों में सरकारी खरीद केंद्र खोले जाएं।
किसानों की प्रमुख मांगें
किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए
डीजल व कृषि उपयोगी सामग्री पर टैक्स हटाया जाए
खाद की बिक्री में खतौनी की अनिवार्यता समाप्त की जाए
कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए
सभी फसलों पर C2+50% के आधार पर एमएसपी लागू हो। प्रत्येक गांव में सरकारी क्रय केंद्र खोले जाएं
इस अवसर पर सतीश मौर्य, जालिम यादव, श्याम यादव, अनिल यादव, आकाश यादव, राजकुमार यादव, राजू यादव, राकेश यादव, कन्हैया लाल रावत, मोहम्मद कलीम, विनय यादव, शैल कुमारी, विजय यादव, अरविंद यादव सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।



