
बाराबंकी। जिला अध्यक्ष जुगराज सिंह ने कहा प्रदेश में बिजली के स्मार्ट मीटर के नाम पर आम जनता के साथ व्यापक स्तर पर आर्थिक शोषण किया जा रहा है। प्रदेश के लाखों उपभोक्ता मनमाने बिजली बिल, गलत रीडिंग, अत्यधिक दरों और तकनीकी खामियों के कारण परेशान हैं, जिससे जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
जिला अध्यक्ष जुगराज सिंह ने कहा प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर पारदर्शिता और सुविधा देने के बजाय जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। आम उपभोक्ताओं की शिकायत है कि जहां पहले लगभग ₹1500 तक का बिजली बिल आता था, वहीं अब वही बिल बढ़कर ₹6000–7000 तक पहुंच रहा है। प्रीपेड मीटर व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को अग्रिम भुगतान करने के बावजूद 10–12 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है, जो इस पूरी प्रणाली की विफलता को दर्शाता है।
यह भी उल्लेखनीय है कि प्रदेश में लगाए गए लगभग 80 लाख स्मार्ट मीटरों में से करीब 70 लाख प्रीपेड मीटर हैं, जिनके माध्यम से आम जनता पर जबरन आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। इन मीटरों की कार्यप्रणाली, रीडिंग की सटीकता और बिलिंग प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे यह संदेह उत्पन्न होता है कि यह व्यवस्था पारदर्शी होने के बजाय उपभोक्ताओं के शोषण का माध्यम बन गई है।
इसके अतिरिक्त, प्रदेश में नलकूपों (ट्यूबवेल) पर भी सरकार द्वारा 4G सिम-आधारित स्मार्ट मीटर लगाने की योजना शुरू की गई है। लेकिन स्मार्ट मीटर से अत्यधिक बिजली बिल आने और कनेक्टिविटी संबंधी समस्याओं के कारण किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की कमी के चलते मीटर की कार्यप्रणाली बाधित होती है, जिससे न केवल सिंचाई प्रभावित हो रही है बल्कि किसानों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है। यह स्थिति कृषि क्षेत्र के लिए अत्यंत चिंताजनक है और सीधे तौर पर खाद्य सुरक्षा एवं किसानों की आजीविका को प्रभावित कर रही है।
जुगराज सिंह ने कहा भीषण गर्मी के इस दौर में एक ओर जहां बिजली कटौती से लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर प्रीपेड स्मार्ट मीटर की खामियों ने आम नागरिकों की समस्याओं को और बढ़ा दिया है। यह स्थिति सीधे तौर पर जनता के जीवन स्तर, दैनिक आवश्यकताओं और आर्थिक स्थिरता को प्रभावित कर रही है।
यह अत्यंत चिंताजनक है कि इतनी बड़ी योजना को लागू करने से पूर्व न तो पर्याप्त जन जागरूकता अभियान चलाया गया और न ही किसी स्वतंत्र तकनीकी एवं वित्तीय मूल्यांकन को सार्वजनिक किया गया। बिना पारदर्शिता और जवाबदेही के इस प्रकार की व्यवस्था को लागू करना उपभोक्ताओं के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
इन्हीं गंभीर मुद्दों को लेकर आम आदमी पार्टी, उत्तर प्रदेश की जिला इकाई बाराबंकी के द्वारा दिनांक 03 मई 2026 को पटेल तिराहे पर जिला अध्यक्ष जुगराज सिंह के नेतृत्व में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया इस दौरान स्मार्ट मीटर की प्रतिकात्मक तस्वीरें जलाकर इस जनविरोधी व्यवस्था के खिलाफ जनआक्रोश दर्ज कराया गया तथा महामहिम राज्यपाल महोदया को संबोधित ज्ञापन सौंपाकर विनम्रता पूर्वक मांगे की गई
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर के नाम पर हो रही इस खुली लूट को तत्काल प्रभाव से रोका जाए,स्मार्ट मीटर परियोजना की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए,दोषी अधिकारियों एवं संबंधित कंपनियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए,तथा आम उपभोक्ताओं एवं किसानों को राहत प्रदान करने हेतु पारदर्शी और न्यायसंगत व्यवस्था लागू की जाए।
आपसे निवेदन है कि संविधान प्रदत्त अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार को आवश्यक, त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई हेतु निर्देशित करें, जिससे आम जनता एवं किसानों को राहत मिल सके और उनकी समस्याओं का न्यायोचित समाधान सुनिश्चित हो सके। इस मौके पर नगर अध्यक्ष रामनगर रवि पाण्डेय जी , राजू शुक्ला, राज कुमार पाल ,असद अली,महिला जिलाध्यक्ष अफसाना बानो, आकाश वर्मा, टनू चौहान नन्हे राम यादव राजेंद्र पाण्डेय, राम नवाज धनगर ,अरविंद यादव, प्रकाश गौतम,विजय यादव, सहित आम आदमी पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे



