देवा में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा योजना के तहत सेल्फ डिफेंस सेमिनार आयोजित।
बालिकाओं ने सीखे ताइक्वांडो और आत्मरक्षा के गुर

संपादक: फहीम सिद्दीकी
बाराबंकी: देवा कस्बे के श्री दुर्गा धाम मंदिर परिसर में रविवार को रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा योजना के अंतर्गत विशेष मार्शल आर्ट एवं सेल्फ डिफेंस सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ प्रशिक्षक जितेंद्र कुमार मौर्य ने किया। करीब दो घंटे तक चले इस प्रशिक्षण शिविर में बालिकाओं और खिलाड़ियों को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास कराया गया।
कार्यक्रम में लगभग 50 बालक-बालिका खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ताइक्वांडो की बेसिक तकनीकों, डिफेंस ब्लॉक, बॉडी बैलेंस और मानसिक मजबूती से जुड़े अभ्यास कराए गए। साथ ही “आप शुगी, द्विप्त कुबी, चु जूं शुगी” जैसे स्टांस तथा “आरे मकी और अल गुल मकी” जैसी तकनीकों की जानकारी दी गई।
भीषण गर्मी को देखते हुए खिलाड़ियों को योग और ध्यान का अभ्यास भी कराया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित योग और मेडिटेशन से शारीरिक संतुलन और मानसिक एकाग्रता बेहतर होती है।
वरिष्ठ प्रशिक्षक जय शंकर गुप्ता ने कहा कि सरकार की रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना और मिशन शक्ति अभियान बालिकाओं के आत्मविश्वास, सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी साबित हो रहे हैं। वहीं यूपी ताइक्वांडो एसोसिएशन के महासचिव राजकुमार ने कहा कि एसोसिएशन इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक अखिलेन्द्र सिंह ने बताया कि जिले के करीब 40 माध्यमिक विद्यालयों में बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जा चुका है और यह पहल लगातार जारी है।



