
Bhagwant Mann News: राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के 6 अन्य सांसदों के बीजेपी में शामिल होने को लेकर राजनीति गरमाई हुई है. इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान राष्ट्रपति से मिलेंगे.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है. पंजाब के विधायकों के साथ मुख्यमंत्री मान राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे. बीजेपी में शामिल हुए पंजाब के राज्यसभा सांसदों को रिकॉल (Recall) करने संबंधी अपना पक्ष रखेंगे. राघव चड्ढा और AAP के 6 अन्य सांसदों के बीजेपी में शामिल होने की सियासी घटनाक्रम के बाद आम आदमी पार्टी में हलचल बढ़ गई है. पार्टी आगे की रणनीति पर काम कर रही है.
इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार (24 अप्रैल) को AAP में हुई इस टूट बाद बीजेपी पर जमकर हमला बोला था. इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी में शामिल होने वाले पंजाब के राज्यसभा सांसदों को गद्दार कहा था. सीएम कहा कि बीजेपी हमेशा से पंजाब विरोधी रही है और प्रदेश की जनता इन गद्दारों को सबक सिखाएगी.
‘AAP छोड़कर जाने वाले सांसद पंजाब का प्रतिनिधित्व नहीं करते’
भगवंत मान ने मीडिया से बातचीत में कहा, ”पार्टी किसी भी व्यक्ति से बड़ी होती है. जो सांसद पार्टी छोड़कर गए हैं, वे पंजाब का प्रतिनिधित्व नहीं करते. बीजेपी हमेशा दूसरी पार्टियों में बाधाएं पैदा करती है. पंजाबी दिल से सभी से प्यार करते हैं, लेकिन अगर कोई उनके साथ विश्वासघात करता है, तो वे उसे कभी नहीं भूलते हैं. ये सिर्फ खुद को बचाने के लिए वहां गए थे. अब वहां भी इनके लिए जगह नहीं है क्योंकि ये बीजेपी के साथ हैं.”
बीजेपी ने पंजाब के साथ विश्वासघात किया- भगवंत मान
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी ने पंजाब के साथ विश्वासघात किया है. मुख्यमंत्री ने कहा, ”वही ‘वॉशिंग मशीन’ शरद पवार, शिवसेना-यूबीटी और कांग्रेस के साथ भी इस्तेमाल की गई. बीजेपी का पंजाब में कोई आधार नहीं है.
राघव चड्ढा समेत AAP के 7 सांसदों का बीजेपी में विलय
AAP से इस्तीफे और बीजेपी में शामिल होने की घोषणा के बाद राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा शुक्रवार (24 अप्रैल) को बीजेपी दफ्तर जाकर पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की थी. इस दौरान उनके साथ अशोक मित्तल और संदीप पाठक भी मौजूद थे. इससे पहले राघव चड्ढा ने कहा था कि के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने बीजेपी में विलय कर लिया है. सात सांसदों ने उस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे राज्यसभा के अध्यक्ष को सौंपा गया.




